चर्चा में पिता-पुत्र!

यशवंत सिन्हा ‘आई नीड टू स्पीक अप नाउ’ नाम से इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने आलेख में मोदी सरकार और अरुण जेटली की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने लिखा,”अरुण जेटली को सरकार में सबसे अच्छा और चमकता सितारा माना जा रहा है। इन्हें 2014 में अमृतसर में लोकसभा का चुनाव हारने के बाद भी वित्त मंत्री नियुक्त किया गया। ऐसी ही स्थिति 1998 में भी पैदा हो गई थी जब अटल बिहारी वाजपेयी ने जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को कैबिनेट में शामिल नहीं किये थे।”

फ़ोटो-इंडियन एक्सप्रेस

उन्होंने लिखा,”मैंने भी वित्त मंत्री का पदभार संभाला है। अकेले ही इस मंत्रालय का कार्य इतना है कि 24/7 भी कम पड़ जाएगा,लेकिन अरुण जेटली तीन-तीन मंत्रालय को संभाल रहे हैं। जाहिर है वे अपने कार्य के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं।”

उदारीकरण के बाद के समय में जेटली भाग्यवादी हैं कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में ह्रास हुआ और लाखों रुपये की बचत हुई।

आज भारतीय अर्थव्यवस्था की हालात क्या हैं? पिछले दशकों में कभी भी निजी निवेश इतना कम नहीं हुआ है,औद्योगिक उत्पादन ध्वस्त हो चुका है,कृषि का भी हाल अच्छा नहीं है,निर्माण उद्योग जो ज्यादा रोजगार देता है,दबाव में है। सेवा क्षेत्र और निर्यात की स्थिति भी अच्छी नहीं है।

विमुद्रीकरण एक आर्थिक आपदा साबित हो चुका है। जीएसटी भी व्यापारियों के लिए परेशानी का सबक बना हुआ है। अनगिनत लोग अपनी नौकरी गवां चुके हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर मात्र 5.7% रही। लेकिन जब इसे पुराने तरीके से गणना करेंगे तो यह मात्र 3.7% ही होगा। जाहिर है,सरकार ने जीडीपी गणना की तरीका को 2015 में बदलते हुए आधार वर्ष को बदल दी थी।

इन आरोपों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने टाइम्स ऑफ इंडिया में ‘न्यू इकॉनमी फ़ॉर न्यू इंडिया’ नाम से आलेख लिखा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करते हुए इनदिनों कई आलेख लिखे गए। दुर्भाग्य से,ये सभी आंकड़ों के लिहाज से संकीर्णता को धारण किये हुए हैं, जबकि उन बुनियादी ढांचागत सुधारों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है, जो अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं।

फ़ोटो-टाइम्स ऑफ इंडिया
उन्होंने लिखा,”साथ ही जीडीपी ग्रोथ की एक या दो तिमाही और मैक्रो डेटा से उन ढांचागत बदलावों के दूरगामी फ़ायदे नज़र नहीं आ सकते हैं जो अभी चल रहे हैं। ये सुधार ज़रूरी हैं ताकि नए भारत का निर्माण किया जा सके और अरब से ज़्यादा वर्कफ़ोर्स को रोज़गार मुहैया कराए जा सकें।”

मोदी सरकार की नीतियों की तारीफ़ करते हुए जयंत ने जन धन-आधार-मोबाइल योजना का ब्योरा दिया और कहा कि हमने लीकेज को घटाया है,साथ ही 1.75 लाख करोड़ की लाभ को लाभार्थी तक सीधे पहुंचाया है।

उन्होंने लिखा,”2018 तक सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दिया जाएगा। हवाई कनेक्टिविटी में नाटकीय वृद्धि देखने को मिला है। वित्तीय वर्ष 2017 में 16 करोड़ लोगों ने उड़ान भरी जो 2014 में मात्र 10 करोड़ था।

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